#HumWapasAayenge
#हमवापसआयेंगे
30 साल पहले, आज ही के दिन कश्मीर से हजारो कश्मिरी पंडितोंको जबरन भगा दिया गया था. जमीन जायदाद तो छोड दिजीए, बहन बिवी माँ बेटी को भी नही बक्षा गया. मस्जिद से ऐलान होते थे- पंडितो तुम्हारे पास सिर्फ 3 विकल्प है. कश्मीर छोड के जाओ या मुस्लिम बन जाओ या फिर मरने को तय्यार हो जाओ. किसीभी सुरत मे अपनी घरकी औरत को यही छोड जाना पडेगा. निहत्ते पंडित कुछ कर नही पाये. जो नसीबवाला था वो परिवार के साथ भाग गया. सेकडो कमनसीब या तो मारे गये या जबरन मुस्लिम बना दिये गये. लेकीन औरतोंका क्या हुआ?
.......सरेआम सामूहिक बलात्कार. औरत मरने तक उसका बलात्कार चलता रहता. और अगर वो न मरे तो उसे जिंदा ही जला दिया जाता या फिर उसके टुकडे टुकडे करके रास्ते पर फेंक दिये जाते.
ये सब करने वाले कौन थे? इनके अपने ही मुस्लिम पडोसी और साथ मे पाकिस्तान मे प्रशिक्षित हुए दहशतगर्द मुस्लिम. क्या बिती होगी पंडितोंपर? क्या दर्द सहा होगा हमारे भाईयोने? घरकी बहू बेटीयोंकी इज्जत लुटी जाना, फिर अपनेही घर से बेघर कर दिया जाना और 30 साल उससे दूर रहना ये दुख क्या होता है सिर्फ कश्मिरी पंडित ही जाने!
.................. 30 साल....................
आज 30 साल बाद मोदी शाह के रूप मे पंडितोंको आशा की एक किरण नजर आ रही है. जो गया वो तो वापस नही आयेगा लेकीन कमसेकम अपने घर मे वो फिरसे बस सकते है ये आशा आज इनकी आँखोमे है.
'हम वापस आयेंगे' ये नारा उन्होने लगाया है. आओ इस नारे को बुलंद करे.
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