जी नही राहुलजी,
आपको हम सावरकर नही समझ रहे क्यूकी-
-सावरकरजी नाकी सिर्फ जन्मसे बल्की आपने कर्म और विचार से भी ब्राह्मण थे, जो कभी जात-पात भेदभाव को नही मानते थे और आप हो के चुनाव के लिये ब्राह्मण बनने का ढोंग करके शर्ट के ऊपर से जनेऊ पहनते हो. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है ?
सावरकर जी महान कवी और सुविख्यात लेखक थे. उनके महाकाव्य, नाट्यलेखन, और गीत सुविख्यात है. उधर आपको एक पॅरेग्राफ भी खुदका लिखना नही आता. बना बनाया कॉपी-पेस्ट करके लिखपढ लेते हो. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है ?
- सावरकरजी एक महान वक्ता थे और आपको unfortunately का शब्दप्रयोग कैसे करे ये भी कानमे बताना पडता है. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है?
- सावरकरजी पुरी दुनिया मे एक मात्र ऐसे इंसान थे जिनको दो काला पानी की सजा एक साथ मिली थी, जहा ज्यूट के कपडे पहनने पडते थे और दिनभर पसीनेसे लतपत होकर परिश्रम करना पडता था.
उधर आप हो के चार कदम चलने पर आपकी सेवा मे AC गाडी आती है. आप सिर्फ ब्रँडेड कपडे पहनते हो. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है?
- सावरकरजी असीम बुद्धिमत्ता के धनी थे. अपार मेहनतसे उन्होने ज्ञान कमाया था और जो कमाया था वो सिर्फ और सिर्फ देशसेवा और समाज सुधारणा के लिए उपयोग मे लाया. उधर, आपकी बुद्धिमत्ता के बारे में कुछ ना कहा जाये तोही बेहतर होगा. आपको जो भी ज्ञान प्राप्त हुआ है वो आप भारत देश को कमजोर करने के लिये, बदनाम करने के लिये, तोडने के लिए इस्तेमाल करते हो. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है?
- सावरकरजी का पूरा परिवार देश के लिए समर्पित था. अपनी जान हथेली पे रख के, अपने संसार, मोहमायाका त्याग करके उन्होने देश सेवा राष्ट्रभक्ती के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था. और आप हो के बँकॉक जाने के अलावा अपनी comfort zone से बाहर भी नही निकलते. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है ?
- सावरकरजी जब ब्रिटन मे थे तो उन्होने अपना समय भारत माँ के मुक्ती के लिये दिया था. वे जहाँभी जाते , भारतमाता का गुणगान करते. भारतमाँ की याद आने पर उन्होने एक भाव विभोर गीत लिखा था "ने मजसी ने". उधर आप हो के उसी ब्रिटन मे जाकर भारतमाँ की बदी करते हो, अवमान करते हो, निंदा करते हो, हमे शर्मसार महसूस कराते हो. तो आप और सावरकरजी एक कैसे हो सकते है?
लिखने के लिए तो खैर बहुत ज्यादा है लेकिन फिलहाल इतना ही.
इसलिये सावरकरजी भारतरत्न, स्वातंत्र्यसूर्य, थोर समाजसेवक, क्रांतिकारी, देशभक्त है और राहुलजी आप किराये से लिये गांधी नाम के नामधारी गांधी हो.
सचिन श्रीकांत भिडे
No comments:
Post a Comment